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आईटीआई छात्रों पर कथित उत्पीड़न के विरोध में छात्रसंघ बहाली मोर्चा का प्रदर्शन

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छात्रों पर दमन बर्दाश्त नहीं:अनस साहू

पारदर्शी विकास न्यूज़ कानपुर। पंजाब में आईटीआई छात्रों के साथ कथित उत्पीड़न और दमनकारी नीतियों के विरोध में रविवार को विष्णुपुरी चौराहा (कंपनी बाग) पर छात्रसंघ बहाली मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान का पुतला दहन कर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और युवाओं पर हो रहे कथित अत्याचार को तुरंत रोकने की मांग की।प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे छात्र नेता अनस साहू ने कहा कि सरकारें युवाओं के समर्थन से सत्ता में आती हैं, लेकिन सत्ता में आने के बाद सबसे ज्यादा प्रभावित छात्र और युवा वर्ग ही होता है। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब में आईटीआई छात्रों के साथ जो व्यवहार किया गया है, वह पूरी तरह अनुचित है और छात्रसंघ बहाली मोर्चा इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि छात्रों पर दमनकारी नीतियां बंद नहीं की गईं तो आंदोलन को और उग्र रूप दिया जाएगा।इस दौरान अमन वाजपेयी ने कहा कि युवाओं की आवाज को दबाने का प्रयास किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि लाठी और मुकदमों के दम पर छात्रों की आवाज को कुचला नहीं जा सकता। वहीं प्रशांत राजावत ने कहा कि छात्रों पर अत्याचार कर कोई भी सरकार लंबे समय तक टिक नहीं सकती और यह विरोध केवल शुरुआत है, जरूरत पड़ने पर बड़ा आंदोलन किया जाएगा।छात्र नेता आकर्षण यादव ने भी प्रदर्शन को संबोधित करते हुए कहा कि युवाओं के अधिकारों का हनन करने वाली नीतियों का कड़ा विरोध किया जाएगा और युवा ही ऐसी सरकारों को जवाब देंगे।प्रदर्शन में छात्रसंघ बहाली मोर्चा के कई कार्यकर्ता शामिल रहे, जिनमें कौशल जुयाल, तुषार कटियार, अभिनव श्रीवास्तव, तुषार सचान, रुद्राक्ष सिंह रेहटी, शुभ सोनकर, आशु, गोलू सिंघानिया, वरुण जायसवाल, मनीष निषाद और यशु प्रमुख रहे। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा ताकि स्थिति नियंत्रण में रहे।प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने एक सुर में पंजाब सरकार से छात्रों पर कथित उत्पीड़न को रोकने और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की। चौराहे पर काफी देर तक नारेबाजी और विरोध प्रदर्शन का माहौल बना रहा।

पंजाब में आईटीआई छात्रों के साथ जो व्यवहार किया गया है, वह पूरी तरह से निंदनीय है। सरकारें युवाओं के बल पर बनती हैं, लेकिन जब वही युवा अपनी आवाज उठाते हैं तो उन पर दमन किया जाता है, जो लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं है। छात्रसंघ बहाली मोर्चा युवाओं के उत्पीड़न को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगा। अगर छात्रों के अधिकारों पर हमला जारी रहा तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। छात्रों पर हुए कथित अत्याचार की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए और युवाओं के अधिकार सुरक्षित किए जाएं।-अनस साहू