
PARDARSHI VIKASH NEWS अमरनाथ यात्रा की तैयारियों की औपचारिक शुरुआत सोमवार को प्रथम पूजा के साथ हुई। जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल और श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड (SASB) के अध्यक्ष मनोज सिन्हा ने अमरनाथ गुफा में पूजा-अर्चना कर यात्रा की शुरुआत की। इस साल अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई से बालटाल और पहलगाम दोनों मार्गों से शुरू होगी, जो 28 अगस्त को रक्षाबंधन के दिन समाप्त होगी।अधिकारियों के मुताबिक, यात्रा के लिए अब तक 4 लाख से अधिक श्रद्धालु पंजीकरण करा चुके हैं। श्रद्धालुओं का पहला जत्था 2 जुलाई को जम्मू के भगवती नगर बेस कैंप से रवाना किया जाएगा। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर रोड ओपनिंग पार्टी (ROP) लगातार गश्त कर रही है।प्रशासन ने बालटाल और चंदनवाड़ी में बेस अस्पताल शुरू कर दिए हैं। यात्रा मार्गों पर चिकित्सा सुविधाओं के साथ सुरक्षा और अन्य जरूरी व्यवस्थाएं भी पूरी की जा रही हैं। चंदनवाड़ी से पवित्र गुफा तक के रास्ते में बर्फ हटाने का काम अंतिम चरण में है।अमरनाथ यात्रा के लिए दो मुख्य मार्ग हैं। पहलगाम मार्ग करीब 41 किलोमीटर लंबा है, जबकि बालटाल मार्ग करीब 7 किलोमीटर का है। पहलगाम मार्ग लंबा लेकिन आसान माना जाता है, वहीं बालटाल मार्ग छोटा होने के बावजूद अधिक खड़ी चढ़ाई वाला है।यात्रा से पहले जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था की जांच के लिए ट्रायल काफिला भी चलाया गया। इस दौरान सुरक्षा, काफिले की आवाजाही और अलग-अलग एजेंसियों के बीच तालमेल का परीक्षण किया गया।जम्मू में इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (ICCC) भी शुरू किया गया है, जिससे यात्रा की निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाया जाएगा। प्रशासन का दावा है कि श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षित यात्रा के लिए सभी जरूरी इंतजाम पूरे कर लिए गए हैं।