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डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का राष्ट्र निर्माण में योगदान अविस्मरणीय: सीएम

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती पर लखनऊ स्थित सिविल अस्पताल परिसर में उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि डॉ. मुखर्जी का राष्ट्र निर्माण, शिक्षा, उद्योग और राष्ट्रीय एकता में योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा।मुख्यमंत्री ने कहा कि देश विभाजन के समय पश्चिम बंगाल को पाकिस्तान में शामिल करने के प्रयासों का डॉ. मुखर्जी ने मजबूती से विरोध किया। उनके नेतृत्व और संघर्ष के कारण पश्चिम बंगाल भारत का अभिन्न हिस्सा बना रहा। उन्होंने कहा कि मात्र 33 वर्ष की आयु में कोलकाता विश्वविद्यालय के कुलपति बनने वाले डॉ. मुखर्जी ने शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने के बाद स्वतंत्रता आंदोलन और सार्वजनिक जीवन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।योगी आदित्यनाथ ने कहा कि स्वतंत्र भारत के पहले उद्योग एवं आपूर्ति मंत्री के रूप में उन्होंने देश की खाद्य और औद्योगिक नीतियों को मजबूत आधार दिया। बाद में भारतीय जनसंघ की स्थापना कर उन्होंने "एक देश में दो विधान, दो प्रधान और दो निशान नहीं चलेंगे" का नारा दिया और जम्मू-कश्मीर की विशेष व्यवस्था का विरोध किया।=मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2019 में अनुच्छेद 370 हटाकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में डॉ. मुखर्जी के संकल्प को साकार किया गया। कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, कैबिनेट मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह सहित भाजपा के कई नेता उपस्थित रहे।