
पुत्र क्रांति कुमार कटियार ने साझा कीं स्वतंत्रता संग्राम की स्मृतियां
पारदर्शी विकास न्यूज़ कानपुर।
काकोरी ट्रेन एक्शन दिवस के अवसर पर आयोजित ‘पारदर्शी चर्चा’ कार्यक्रम में स्वतंत्रता संग्राम के महान क्रांतिकारी डॉ. गया प्रसाद कटियार के पुत्र क्रांति कुमार कटियार ने पहुंचकर देश के अमर शहीदों और क्रांतिकारियों को नमन किया। उन्होंने अपने पिता के संघर्ष, बलिदान और आजादी की लड़ाई से जुड़ी महत्वपूर्ण स्मृतियां साझा करते हुए कहा कि डॉ. गया प्रसाद कटियार ने देश की स्वतंत्रता के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया था। क्रांति कुमार कटियार ने बताया कि डॉ. गया प्रसाद कटियार का संबंध शहीदे आजम भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु जैसे महान क्रांतिकारियों से रहा। अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ क्रांतिकारी गतिविधियों में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका थी। उन्होंने बताया कि डॉ. गया प्रसाद कटियार को अंग्रेजों ने गिरफ्तार कर विभिन्न जेलों में रखा और उन्हें आजीवन कारावास के साथ काला पानी की सजा भी भुगतनी पड़ी। स्वतंत्रता के लिए उन्होंने करीब 21 वर्षों तक अंग्रेजी शासन का दमन और यातनाएं सहीं। उन्होंने बताया कि डॉ. गया प्रसाद कटियार की भूमिका क्रांतिकारी आंदोलन में बेहद महत्वपूर्ण रही। भगत सिंह और उनके साथियों की क्रांतिकारी गतिविधियों से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रसंगों में डॉ. कटियार का योगदान रहा। उनके नेतृत्व और सहयोग से क्रांतिकारी संगठन को मजबूती मिली। क्रांति कुमार कटियार ने कहा कि आज की पीढ़ी को ऐसे महान स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग और संघर्ष से प्रेरणा लेने की जरूरत है। उन्होंने बताया कि भारत सरकार ने 26 अप्रैल 2016 को डॉ. गया प्रसाद कटियार के सम्मान में पांच रुपये का डाक टिकट जारी किया था। लोकसभा में वर्ष 2016 में केंद्रीय राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने भी डॉ. गया प्रसाद कटियार के जीवन और योगदान का उल्लेख करते हुए उनके संघर्ष से देश को अवगत कराया था। क्रांतिकारी डॉ. गया प्रसाद कटियार के सम्मान में उत्तर प्रदेश में भी कई कार्य किए गए हैं। वर्ष 2000 में शिवराजपुर ब्लॉक में उनकी प्रतिमा स्थापित की गई। वर्ष 2024 में बखोटी जीत रोड हाईवे पर उनके नाम से प्रवेश द्वार स्थापित किए जाने की जानकारी भी कार्यक्रम में साझा की गई। वहीं, उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक के निजी आर्थिक सहयोग से लखनऊ में भी डॉ. गया प्रसाद कटियार की प्रतिमा स्थापित की गई है। कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि उत्तर प्रदेश सरकार के तकनीकी शिक्षा मंत्री और अपना दल (एस) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष आशीष पटेल ने राजकीय पॉलिटेक्निक कानपुर का नाम डॉ. गया प्रसाद कटियार के नाम पर रखने की घोषणा की है।

इससे उनके योगदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है। क्रांति कुमार कटियार ने स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े फिरोजपुर के उस ऐतिहासिक गुप्त ठिकाने का भी उल्लेख किया, जहां क्रांतिकारियों की गतिविधियां संचालित होती थीं। बताया गया कि इसी स्थान पर डॉ. गया प्रसाद कटियार ने सरदार भगत सिंह के केश और दाढ़ी काटने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी, ताकि अंग्रेजी पुलिस से बचने के लिए भगत सिंह अपना रूप बदल सकें।यह स्थान क्रांतिकारी आंदोलन की कई महत्वपूर्ण घटनाओं का साक्षी रहा है। बताया गया कि उस दौर में क्रांतिकारी गुप्त रूप से यहां बैठकें करते और अंग्रेजी शासन के खिलाफ आगे की रणनीति तैयार करते थे। इसी दौरान भगत सिंह और उनके साथियों ने अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ निर्णायक संघर्ष की योजनाएं बनाईं।क्रांति कुमार कटियार ने कहा कि ऐसे ऐतिहासिक स्थान केवल इमारतें नहीं, बल्कि देश की आजादी के संघर्ष की जीवंत गवाही हैं। इनके संरक्षण से आने वाली पीढ़ियों को यह समझने में मदद मिलेगी कि देश की स्वतंत्रता के लिए क्रांतिकारियों ने किस प्रकार अपना जीवन न्योछावर किया।कार्यक्रम में डॉ. गया प्रसाद कटियार के योगदान को याद करते हुए वक्ताओं ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम के अनेक ऐसे नायक हैं, जिनके संघर्ष को व्यापक स्तर पर नई पीढ़ी तक पहुंचाने की आवश्यकता है। डॉ. गया प्रसाद कटियार का जीवन त्याग, साहस और राष्ट्रभक्ति की प्रेरणादायक मिसाल है।