
PARDARSHI VIKASH NEWS कर्नाटक में नई डीके शिवकुमार सरकार के गठन के कुछ ही दिनों बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। वरिष्ठ कांग्रेस नेता और मंत्री रामलिंगा रेड्डी ने शुक्रवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। वे बेंगलुरु विकास विभाग न मिलने से नाराज थे, जिसे उन्होंने अपनी प्राथमिक प्राथमिकता बताया था। रेड्डी को इसके बजाय जल संसाधन विभाग दिया गया था, जिसके बाद उन्होंने कैबिनेट में असंतोष जताया और अंततः इस्तीफा सौंप दिया।हालांकि रामलिंगा रेड्डी ने स्पष्ट किया कि वे कांग्रेस पार्टी में बने रहेंगे और उनका इस्तीफा केवल मंत्री पद से है, पार्टी से नहीं। उन्होंने कहा कि वे पिछले कई दशकों से राजनीति में सक्रिय हैं और विभिन्न मुख्यमंत्रियों के साथ काम कर चुके हैं। मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह केवल विभागों को लेकर असहमति का मामला है और इसे बातचीत के जरिए जल्द सुलझा लिया जाएगा।गुरुवार को ही कर्नाटक कैबिनेट में विभागों का बंटवारा किया गया था, जिसमें कई अहम मंत्रालयों को लेकर असंतोष सामने आया। रेड्डी के अलावा अन्य मंत्रियों को भी अलग-अलग जिम्मेदारियां दी गई हैं, लेकिन बेंगलुरु विकास जैसे महत्वपूर्ण विभाग को लेकर विवाद चर्चा में है। राजनीतिक विशेषज्ञों के अनुसार, नई सरकार में विभागीय संतुलन और अंदरूनी असहमति आगे चलकर प्रशासनिक चुनौतियां पैदा कर सकती हैं।