
पंचायत सहायकों की मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करे सरकार
मैं पूरी तरह स्वस्थ, विरोधियों द्वारा फैलाए जा रहे भ्रम से सावधान रहें कार्यकर्ता: मायावती
संजीव भारती लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने नई दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स सम्मेलन को भारत की कूटनीतिक सफलता का महत्वपूर्ण उदाहरण बताया। उन्होंने शनिवार को सर्वसम्मति से जारी ‘नई दिल्ली घोषणापत्र-2026’ की सराहना करते हुए कहा कि यह भारत की सूझबूझ, प्रभावी कूटनीति और उपलब्धि को दर्शाता है। मायावती ने ब्रिक्स मंच पर भारत-चीन संबंधों से जुड़े घटनाक्रम का भी उल्लेख किया और कहा कि बदलते वैश्विक हालात में भारत को अपने राष्ट्रीय हितों को प्राथमिकता देते हुए आगे बढ़ना चाहिए।मायावती ने लखनऊ के ईको गार्डन में मानदेय बढ़ाने और पक्की नौकरी की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे पंचायत सहायकों की मांगों पर भी सरकार से सहानुभूतिपूर्वक विचार करने की अपील की। उन्होंने कहा कि सरकार को आंदोलनरत पंचायत सहायकों की समस्याओं पर गंभीरता से विचार कर उचित निर्णय लेना चाहिए।बसपा प्रमुख ने पार्टी के संगठनात्मक कामकाज को पूरे देश में तीन सेक्टरों में बांटने की जानकारी भी दी। उन्होंने बताया कि पहले सेक्टर में उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड को रखा गया है, जिसकी सीधी निगरानी लखनऊ स्थित बसपा के कैंप कार्यालय से उनकी देखरेख में होगी। अन्य राज्यों को दो सेक्टरों में बांटा गया है। इन दोनों सेक्टरों के कामकाज की समीक्षा के लिए हर डेढ़ महीने में दिल्ली स्थित बसपा कार्यालय में बैठक होगी और संबंधित पदाधिकारियों से प्रगति रिपोर्ट ली जाएगी। उन्होंने कहा कि वह भी दोनों सेक्टरों के प्रभारियों से लगातार संपर्क में रहेंगी।मायावती ने अपनी सेहत को लेकर फैलाए जा रहे भ्रम पर भी सफाई दी। उन्होंने कहा कि हाल में पार्टी से निकाले गए कुछ लोग बसपा कार्यकर्ताओं के बीच यह अफवाह फैला रहे हैं कि वह बीमार हैं। उन्होंने कहा कि वह पूरी तरह स्वस्थ हैं और पार्टी कार्यकर्ताओं को इस तरह के भ्रम से सावधान रहने की जरूरत है।मायावती ने इसके प्रमाण के तौर पर शनिवार रात पार्टी कार्यालय प्रभारी आलोक कुमार को आए आकाश आनंद के फोन का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि रात 10:04 बजे आकाश आनंद ने आलोक कुमार से उनकी तबीयत के बारे में पूछा था। आलोक कुमार ने जवाब दिया कि बहन जी पूरी तरह स्वस्थ हैं। मायावती के अनुसार, आकाश आनंद ने इस बातचीत की जानकारी उन्हें नहीं देने के लिए भी कहा था। इस पर मायावती ने कहा कि आकाश आनंद अभी भी अपने दिमाग से नहीं, बल्कि अपने ससुर अशोक सिद्धार्थ के दिमाग से चल रहे हैं।बसपा प्रमुख ने कहा कि पिछले करीब डेढ़ महीने से वह बड़े मुद्दों पर सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी बात रख रही थीं। इसके बावजूद रविवार को मीडिया के सामने आने का उद्देश्य पार्टी कार्यकर्ताओं को विरोधियों द्वारा फैलाए जा रहे भ्रम से सचेत करना है। बसपा की ओर से रविवार सुबह उनके मीडिया बयान की सूचना पार्टी के एक्स हैंडल के माध्यम से दी गई थी और पदाधिकारियों व समर्थकों से मायावती की बातों को सुनने की अपील की गई थी।