
PARDARSHI VIKASH NEWS NEET-UG पेपर लीक मामले में जांच कर रही Central Bureau of Investigation (CBI) को बड़े सुराग मिले हैं। जांच में सामने आया है कि पिछले साल भी परीक्षा से पहले NEET का पेपर महाराष्ट्र के लातूर स्थित रेनुकाई करियर सेंटर (RCC) तक पहुंचा था। एजेंसी को कोचिंग संचालक शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर और पेपर लीक नेटवर्क के बीच पुरानी सांठगांठ के संकेत मिले हैं। सूत्रों के अनुसार मोटेगांवकर की नेटवर्थ करीब 1500 करोड़ रुपए बताई जा रही है।जांच में पता चला है कि मोटेगांवकर आर्थिक रूप से मजबूत और पढ़ाई में बेहतर छात्रों को टारगेट करता था। परीक्षा से पहले “वन-ऑन-वन मेंटरिंग” के नाम पर छात्रों को कथित तौर पर लीक पेपर और जवाब रटवाए जाते थे। CBI को इससे जुड़े कई वीडियो और डिजिटल सबूत मिले हैं।भास्कर की पड़ताल में RCC से जुड़े कई छात्रों का चयन देश के प्रतिष्ठित AIIMS संस्थानों में होने की बात सामने आई है। इनमें AIIMS दिल्ली, हैदराबाद, भोपाल, वाराणसी समेत कई संस्थानों में चयन शामिल है।CBI के मुताबिक इस नेटवर्क में पुणे की ब्यूटीशियन मनीषा वाघमारे, केमिस्ट्री प्रोफेसर पीवी कुलकर्णी और अन्य लोग भी जुड़े हुए थे। एजेंसी को शक है कि लीक पेपर 15 लाख रुपए प्रति छात्र तक में बेचा गया। नागपुर में दो छात्रों के घरों पर छापेमारी में मोबाइल, लैपटॉप और हस्तलिखित नोट्स जब्त किए गए हैं।इस मामले में अब तक 10 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जिनमें सबसे ज्यादा आरोपी महाराष्ट्र से हैं। वहीं केंद्रीय शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि 21 जून को होने वाला NEET री-एग्जाम पूरी तरह सुरक्षित और फुलप्रूफ तरीके से कराया जाए।NEET-UG परीक्षा 3 मई को आयोजित हुई थी, जिसमें करीब 23 लाख छात्रों ने हिस्सा लिया था। गड़बड़ी की शिकायतों के बाद 12 मई को परीक्षा रद्द कर दी गई और री-एग्जाम कराने का फैसला लिया गया।