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पुराने शहर की होगी ड्रोन मैपिंग, अवैध निर्माणों पर कसेगा शिकंजा

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Pardarshi Vikas News Agra

पुराने शहर में बढ़ते अवैध निर्माणों और जर्जर भवनों की समस्या से निपटने के लिए आगरा विकास प्राधिकरण (एडीए) ने बड़ा कदम उठाया है। अब पुराने शहर की ड्रोन मैपिंग कराई जाएगी, जिससे हर भवन का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार होगा और अवैध निर्माणों पर प्रभावी निगरानी रखी जा सकेगी।

हाल ही में भैरो बाजार जैसे घनी आबादी वाले क्षेत्रों में जर्जर इमारत गिरने की घटनाओं के बाद प्रशासन सतर्क हुआ है। पुराने शहर की संकरी गलियों और घनी बस्तियों में अब तक नियमित निरीक्षण करना मुश्किल था, जिसका फायदा उठाकर भू-माफिया और बिल्डर बिना नक्शा स्वीकृत कराए रातों-रात बहुमंजिला इमारतें खड़ी कर देते थे।

ड्रोन सर्वे के जरिए पूरे क्षेत्र का थ्री-डी मॉडल तैयार किया जाएगा। इसमें हर भवन की ऊंचाई, क्षेत्रफल, निर्माण की स्थिति और वर्तमान स्वरूप का रिकॉर्ड दर्ज होगा। भविष्य में यदि किसी भवन में अवैध बदलाव किया जाता है तो उसकी तुरंत पहचान हो सकेगी।

इस तकनीक से जर्जर और खतरनाक भवनों की निगरानी भी आसान होगी। साथ ही घंटों लगने वाला मैन्युअल सर्वे अब कुछ ही मिनटों में पूरा किया जा सकेगा। पुराने और नए निर्माण के अंतर को भी आसानी से चिन्हित किया जा सकेगा।

एडीए अधिकारियों का मानना है कि ड्रोन मैपिंग से अवैध निर्माण को संरक्षण देने वाले तंत्र पर भी असर पड़ेगा, क्योंकि अब हर गतिविधि का डिजिटल रिकॉर्ड सर्वर पर उपलब्ध रहेगा। किसी भी नए अवैध निर्माण की स्थिति में संबंधित इंजीनियर और सुपरवाइजर की जवाबदेही तय की जाएगी।

आगरा विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष एम. अरुन्मोली ने बताया कि उत्तर प्रदेश प्रोजेक्ट्स कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीपीसीएल) के साथ करार किया गया है। जल्द ही ड्रोन सर्वे शुरू होगा और सर्वे पूरा होने के बाद प्राधिकरण को पूरा डिजिटल डेटा उपलब्ध कराया जाएगा।