
मुख्य विकास अधिकारी विधान जायसवाल ने विकासखंड राजपुर कार्यालय का औचक निरीक्षण कर प्रशासनिक व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान बिना सूचना लंबे समय से अनुपस्थित पाए गए कंप्यूटर ऑपरेटर मुन्नी लाल की सेवाएं समाप्त करने के निर्देश दिए गए, जबकि अनुपस्थित मिले जेई यश पाल सिंह का वेतन रोकने की कार्रवाई की गई।
उपस्थिति पंजिका की जांच में सामने आया कि कंप्यूटर ऑपरेटर मुन्नी लाल पिछले तीन माह से बिना किसी पूर्व सूचना के कार्यालय से अनुपस्थित चल रहे थे। वहीं जेई (आरईडी) यश पाल सिंह भी बिना सूचना गैरहाजिर मिले। सीडीओ ने खंड विकास अधिकारी को दोनों कर्मचारियों से स्पष्टीकरण लेने तथा संतोषजनक जवाब न मिलने पर नियमानुसार कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान स्थापना पटल, लेखा पटल और मनरेगा सेल का भी परीक्षण किया गया। कई महत्वपूर्ण पंजिकाएं अधूरी मिलने पर संबंधित कर्मचारियों को कड़ी फटकार लगाई गई। सीडीओ ने निर्देश दिए कि सभी अभिलेख तीन कार्य दिवस के भीतर पूर्ण कर व्यवस्थित किए जाएं।
मुख्यमंत्री आवास योजना, पेंशन योजना और अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं से जुड़ी लंबित पत्रावलियों पर भी नाराजगी जताई गई। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनता से प्राप्त प्रार्थना पत्रों का समयबद्ध निस्तारण किया जाए और किसी भी फाइल को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए।
सीडीओ ने मानव संपदा पोर्टल और ई-ऑफिस प्रणाली की समीक्षा करते हुए सभी प्रविष्टियां समय से और त्रुटिरहित पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कार्यालय में आने वाले आमजन को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। निरीक्षण के दौरान विभागीय अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।