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स्मार्ट प्रीपेड मीटर की अनिवार्यता खत्म

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पारदर्शी विकास न्यूज़ लखनऊ। तकनीकी दिक्कतों से परेशान बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देते हुए सरकार ने स्मार्ट प्रीपेड मीटर की अनिवार्यता समाप्त कर दी है। अब सभी बिजली कनेक्शन पहले की तरह पोस्टपेड मोड में ही संचालित होंगे।ऊर्जा मंत्री A.K. Sharma ने पावर कॉरपोरेशन अधिकारियों के साथ बैठक में यह निर्णय लिया। उन्होंने बताया कि अब उपभोक्ता हर महीने की बिजली खपत का बिल अगले महीने प्राप्त कर 15 दिनों के भीतर जमा कर सकेंगे।पिछले वर्ष से प्रीपेड मोड में किए गए करीब 83 लाख से अधिक कनेक्शन भी दोबारा पोस्टपेड मोड में बदले जाएंगे। साथ ही पुराने मीटरों को स्मार्ट प्रीपेड में बदलने की प्रक्रिया भी फिलहाल स्थगित कर दी गई है।सरकार ने उपभोक्ताओं को राहत देते हुए 30 अप्रैल तक के बकाया बिल को 10 किस्तों में जमा करने की सुविधा भी दी है। वहीं बिल संबंधी शिकायतों के समाधान के लिए मई-जून में विशेष कैंप लगाए जाएंगे।यह फैसला स्मार्ट प्रीपेड मीटर को लेकर लगातार मिल रही शिकायतों और विरोध के बाद लिया गया है। अब उपभोक्ताओं को पहले की तरह नियमित बिलिंग और भुगतान की सुविधा मिलेगी।