
PARDARSHI VIKASH NEWS मथुरा में 81 दिवसीय गौ प्रतिष्ठा यात्रा के 40वें दिन जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने गौ संरक्षण, धर्मांतरण और आशुतोष ब्रह्मचारी प्रकरण समेत कई मुद्दों पर अपनी बात रखी। यह यात्रा 3 मई को गोरखपुर से शुरू हुई थी, जो अब तक करीब 200 विधानसभा क्षेत्रों से होकर मथुरा पहुंच चुकी है। यहां से यात्रा गोवर्धन के लिए रवाना होगी।शंकराचार्य ने एक बार फिर गाय को राष्ट्रमाता घोषित करने की मांग दोहराई। उन्होंने कहा कि यह मांग लंबे समय से उठाई जा रही है, लेकिन अभी तक इस पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार के उस तर्क पर सवाल उठाया जिसमें कहा गया था कि गाय पहले से ही माता है, इसलिए अलग से घोषणा की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि किसी विषय पर औपचारिक घोषणा जरूरी नहीं है, तो अन्य प्रशासनिक और संवैधानिक घोषणाओं की भी आवश्यकता नहीं रह जाती। उन्होंने गुरु गोरखनाथ की शिक्षाओं का उल्लेख करते हुए गाय को राष्ट्रमाता का दर्जा देने की मांग को दोहराया।आशुतोष ब्रह्मचारी प्रकरण को लेकर भी शंकराचार्य ने सरकार पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि इस मामले में अब तक कोई आधिकारिक जांच नहीं कराई गई है। उनके अनुसार पूर्व सीबीआई निदेशक एम. नागेश्वर राव की अध्यक्षता में एक सिविल सोसाइटी ने इस प्रकरण की जांच कर रिपोर्ट तैयार की थी, जिसमें सरकार की भूमिका पर सवाल उठाए गए थे। उन्होंने कहा कि आशुतोष ब्रह्मचारी का हालिया बयान भी उस रिपोर्ट की पुष्टि करता है, हालांकि कई तथ्य अभी सामने आना बाकी हैं।धर्मांतरण के मुद्दे पर उन्होंने बागेश्वर धाम सरकार के बयान का समर्थन करते हुए कहा कि “चादर और फादर” के माध्यम से होने वाला धर्मांतरण गंभीर चिंता का विषय है। साथ ही उन्होंने हिंदू समाज को नुकसान पहुंचाने वाले ढोंगी और पाखंडियों पर भी सख्त नजर रखने की बात कही।इसके अलावा शंकराचार्य ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उनके कार्यकाल के 12 वर्ष पूरे होने पर बधाई दी और कहा कि इतने लंबे समय तक किसी महत्वपूर्ण पद पर बने रहना एक बड़ी उपलब्धि है। गौ प्रतिष्ठा यात्रा के उद्देश्य पर उन्होंने कहा कि इसका लक्ष्य गौ माता के संरक्षण और सम्मान को बढ़ावा देना है, और यह यात्रा आगे गोवर्धन की ओर बढ़ेगी।