
बच्चों के भोजन के अधिकार का तीसरा राष्ट्रीय अधिवेशन शुरू
संजीव भारती/वेद प्रकाश
लखनऊ।बाल अधिकारों को लेकर भारत ज्ञान विज्ञान समिति ने एक बार फिर अभियान शुरू किया है। बच्चों के भोजन के अधिकार को शुक्रवार को तीसरे राष्ट्रीय अधिवेशन में उत्तर प्रदेश से तीन प्रतिनिधि शामिल हुए। आइकफ आश्रम में शुक्रवार से शुरू हुए तीन दिवसीय अधिवेशन में देशभर से 400 से अधिक कार्यकर्ता और प्रतिनिधि शामिल हुए हैं। भारत ज्ञान विज्ञान समिति की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष आशा मिश्रा ने कहा कि आज भी समाज का एक तबका ऐसा है, जिसके पास घर और पहचान नहीं है। वह शिक्षा और अच्छे स्वास्थ्य से भी दूर है। बच्चों और उनके भविष्य को प्राथमिकता देने की जरूरत है।प्रसिद्ध अर्थशास्त्री ज्यां द्रेज ने कहा कि असमानता, लैंगिक असमानता और जातीय व्यवस्था का सीधा असर बच्चों के भोजन के अधिकार पर पड़ता है। पिछले 25 वर्षों में देश का उत्पादन तेजी से बढ़ा, लेकिन मजदूरी में उसी अनुपात में वृद्धि नहीं हुई। उन्होंने कहा कि जब महिलाएं स्वयं कुपोषित होंगी तो उनके बच्चों के उचित पोषण का सवाल भी गंभीर बना रहेगा। जातीय व्यवस्था बच्चों की शिक्षा को भी प्रभावित करती है। सीटू की महासचिव सिंधु ने कहा कि पोषण ट्रैकर का उद्देश्य बच्चों के पोषण की निगरानी करना था, लेकिन जमीनी स्तर पर अब भी बड़ी संख्या में बच्चे पोषण से वंचित हैं। उन्होंने कहा कि एक अधिकार दूसरे अधिकार से जुड़ा है, इसलिए सभी अधिकारों के लिए मिलकर संघर्ष जरूरी है। मेलघाट की सरपंच ललिता मानेकर ने अपने क्षेत्र के अनुभव साझा करते हुए कहा कि वहां आज भी नियमित बिजली और सरकारी योजनाओं की पहुंच की समस्या है। अधिवेशन में कुपोषण, निजीकरण, भेदभाव, डिजिटलीकरण और विस्थापन पर चर्चा हुई। दूसरे दिन खाद्य सुरक्षा, पीएम पोषण, कृषि, पोषण और बाल अधिकारों से जुड़े विषयों पर सत्र होंगे।
उत्तर प्रदेश में स्कूलों में तीसरे महीने मिलती है मध्यान्ह भोजन योजना की धनराशि
बच्चों को भोजन का अधिकार मिलने के बाद उत्तर प्रदेश में पी एम पोषण योजना के अन्तर्गत मध्यान्ह भोजन योजना संचालित है।इस योजना के अन्तर्गत मध्यान्ह भोजन प्राधिकरण मनमानी तरीके से काम कर रहा है। स्कूलों में मध्यान्ह भोजन योजना के संचालन के लिए कन्वर्जन कास्ट और खाद्यान्न तीसरे महीने मिलती है।तीन महीने तक हेडमास्टरों को उधारी पर सामान खरीदने पड़ते हैं। अमेठी जिले में पिछले चार महीने से कन्वर्जन कास्ट का भुगतान नहीं हुआ है।