
PARDARSHI VIKASH NEWS तृणमूल कांग्रेस (TMC) में बड़ा राजनीतिक संकट गहराता दिख रहा है। पार्टी के 20 बागी लोकसभा सांसद सोमवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात करेंगे और खुद को “असली TMC” के रूप में मान्यता देने की मांग रखेंगे।यह बागी गुट पहले ही पार्टी नेतृत्व से अलग रुख अपना चुका है। इनमें सायोनी घोष और माला रॉय जैसे प्रमुख नाम शामिल हैं, जिन्हें हाल ही में ममता बनर्जी ने पार्टी पदों से हटा दिया था। सायोनी घोष यूथ विंग की अध्यक्ष थीं, जबकि माला रॉय महिला मोर्चा की प्रमुख थीं। उनकी जगह नए पदाधिकारी नियुक्त किए गए हैं।सूत्रों के मुताबिक, कुल 28 TMC सांसदों में से 20 ने अलग गुट बना लिया है। वहीं 13 राज्यसभा सांसदों में से 4 इस्तीफा देकर पहले ही पार्टी से दूरी बना चुके हैं। इस घटनाक्रम के बाद लोकसभा में ममता बनर्जी के पास केवल 8 सांसद बचे हैं।बागी गुट का दावा है कि उनके पास पर्याप्त संख्या है और वे दल-बदल कानून के तहत अलग गुट के रूप में मान्यता के हकदार हैं। दूसरी ओर, पार्टी नेतृत्व इसे अनुशासनहीनता और आंतरिक असंतोष से जुड़ा मामला बता रहा है।इस पूरे विवाद ने बंगाल की राजनीति में हलचल बढ़ा दी है। अब सभी की नजर लोकसभा स्पीकर के फैसले पर टिकी है, जो तय करेगा कि यह गुट “असली TMC” माना जाएगा या नहीं।