
PARDARSHI VIKASH NEWS उन्नाव में नगरवासियों को स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिलाधिकारी घनश्याम मीणा ने मंगलवार को नगर पालिका परिषद उन्नाव द्वारा अमृत योजना के तहत देवारा कला में संचालित 80 मिलियन लीटर प्रतिदिन क्षमता वाले वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का निरीक्षण किया।निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने प्लांट की कार्यप्रणाली, जल शोधन प्रक्रिया, मशीनों की स्थिति और पेयजल की गुणवत्ता की विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों से जल आपूर्ति व्यवस्था, मशीनों के संचालन, रखरखाव और मैनपावर के बारे में भी पूछताछ की।जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि पानी के पीएच मान के साथ-साथ आर्सेनिक, बीओडी, सीओडी और अन्य रासायनिक तत्वों की नियमित जांच अनिवार्य रूप से की जाए। उन्होंने कहा कि नगरवासियों को गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि जल गुणवत्ता की नियमित रिपोर्ट तैयार कर प्रस्तुत की जाए और पानी में किसी भी प्रकार के हानिकारक तत्व निर्धारित मानक से अधिक न हों। इसके लिए आधुनिक तकनीक के उपयोग पर भी जोर दिया गया।जिलाधिकारी ने प्लांट के संचालन को और अधिक तकनीकी रूप से मजबूत बनाने के लिए अनुभवी एजेंसी के माध्यम से डीपीआर तैयार कर शासन को भेजने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने और वर्षा ऋतु से पहले उच्च क्षमता वाले जनरेटर की व्यवस्था करने को कहा।उन्होंने स्पष्ट किया कि नागरिकों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना प्रशासन की जिम्मेदारी है और शिकायत मिलने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। निरीक्षण के दौरान नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।